ईरान की विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ऑस्ट्रेलिया के सबसे अधिक आबादी वाले शहर सिडनी में एक कैफे में आम लोगों को बंदी बनाए जाने की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है।
रिपोर्ट के अनुसार ईरान के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मरज़िया अफ़ख़म ने एक बयान में कहा है कि अमानवीय शैली अपनाना और इस्लाम के नाम पर आतंकवाद और हिंसा फैलाना किसी भी मामले में उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई पुलिस हमलावर की मानसिक स्थिति से पूरी तरह अवगत थी जो लगभग दो दशक पहले वहां जाकर बस गया था। उन्होंने बंधक बनाए जाने की घटना में एक ईरानी शरणार्थी की भूमिका से संबंधित अपुष्ट खबरों पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि दो दशकों पहले ऑस्ट्रेलिया में शरण लेने वाले आदमी की मानसिक स्थिति के बारे में एक बार फिर ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों से बातचीत हुई है जबकि इस आदमी की मानसिक स्थिति इस देश के अधिकारियों के लिये पूरी तरह से स्पष्ट रही है।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, हमलावर की पहचान ईरानी मूल हारून मूनिस के रूप में हुई है, जो 18 साल से ऑस्ट्रेलिया में शरणार्थी के रूप में रह रहा था। मूनिस पर बहुत से अपराधों के लिए ऑस्ट्रेलिया में मुकदमा चल रहा है। उस पर अपनी पत्नी की हत्या का भी आरोप है और फिलहाल वह जमानत पर रिहा था।
पहली दिसंबर को मूनिस ने टि्वटर पर एक संदेश में ईरान और सीरिया के राष्ट्रपति बश्शार असद के समर्थकों को आतंकवादी बताया था। इसी बीच आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री टोनी इबेट ने हमलावर को मानसिक रोगी बताते हुए कहा है कि उसने अपनी इस हरकत को आईएसआईएस के नजरिए से जोड़ने की कोशिश की और यह दुर्भाग्यपूर्ण है।
18 दिसंबर 2014 - 17:36
समाचार कोड: 659203
ईरान की विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ऑस्ट्रेलिया के सबसे अधिक आबादी वाले शहर सिडनी में एक कैफे में आम लोगों को बंदी बनाए जाने की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है।